पूरा दिन बहुत मसरूफ रहता है अपनी जिंदगी में, लेकिन अपनी तन्हाई के कुछ पलों मै मुझे याद तो करता होगा। वह मुझ जैसी मोहब्बत ना सही नाज़ थोड़ी तो मोहब्बत करता होगा।
पूरा दिन बहुत मसरूफ रहता है अपनी जिंदगी में, लेकिन अपनी तन्हाई के कुछ पलों मै मुझे याद तो करता होगा। वह मुझ जैसी मोहब्बत ना सही नाज़ थोड़ी तो मोहब्बत करता होगा।
हमेशा याद रहेगा यह दौर-ए-जहाँ हमको, क्या तरसाया है जहाँ ने उस शख़्स-ए-ग़ैर के लिए! Meaning- दौर-ए-जहाँ - Revolution of the world, दुनिया की परिक्रमा शख़्स-ए-ग़ैर - Unknown man, अज्ञात आदमी